महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक के कृषि पंप रखने वाले किसानों के पुराने बकाया बिजली बिल, जिनकी कुल राशि करीब ₹48,000 करोड़ है, माफ कर दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य के किसानों को इस साल के अंत तक दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली देने का भी फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना' के अवसर पर की। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार हमेशा किसानों के हित को प्राथमिकता देती रही है और चुनावी माहौल न होने के बावजूद सरकार ने किसानों से किए गए वादे पूरे किए हैं।
कर्जमाफी योजना में 12 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही 2 लाख रुपये तक की किसान कर्जमाफी और समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला कर चुकी है। शुरुआत में वर्ष 2019 की कर्जमाफी का लाभ लेने वाले किसानों को इस योजना से बाहर रखा गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की मांग पर नियमों में बदलाव किया गया। अब 12 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही, एल नीनो (El Niño) की स्थिति को देखते हुए चालू वर्ष का कर्ज चुकाने की शर्त भी हटा दी गई है।
'कर्जमाफी स्थायी समाधान नहीं'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि यह केवल अस्थायी राहत है। अगर कुछ ही वर्षों में बार-बार कर्जमाफी करनी पड़े, तो यह किसानों की गंभीर समस्याओं का संकेत है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और नई खेती पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।
कृषि में निवेश और सिंचाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि क्षेत्र के लिए 95,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 'मागेल त्याला शेततळे' और 'जलयुक्त शिवार अभियान' जैसी योजनाओं से किसानों को काफी फायदा हुआ है। इन योजनाओं के कारण कई क्षेत्रों में किसान अब साल में दो से तीन फसलें ले रहे हैं और बागवानी की ओर भी बढ़ रहे हैं।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के करीब 52% हिस्से में पर्याप्त बारिश नहीं होती। इसे देखते हुए सरकार नदी जोड़ो परियोजना पर काम कर रही है, ताकि अधिक पानी वाले क्षेत्रों से सूखा प्रभावित इलाकों तक पानी पहुंचाया जा सके। उनका दावा है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद राज्य के किसी भी जिले को स्थायी सूखे का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कर्जमाफी देना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना, खेती को अधिक लाभकारी बनाना और महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से बिजली, सिंचाई, कृषि निवेश और अन्य योजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।




